Love Shayari

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love shyari

भूल तो वो भी गए जो कहते थे I

तुम्हें तो चाहकर भी कोई भूल नहीं सकता II


शिकायत नहीं जिंदगी से की तेरा साथ नहीं I

बस तू खुश रहना यार हमारी तो कोई बात नहीं II


हँसना आता है मुझसे गम की बात नहीं होती I

मेरी बातों मे मजाक होता है पर मेरी हर बात मजाक नहीं होती II


बहुत मन कर रहा उन्हे छूने का

ए खुदा हो सके तो कुछ पल के लिए मुझे हवा बना दे


इस क़दर भीगा हूँ… ग़म-ए-बारिशों से मैं…
अब के मेरे इंतिकाम… पानियों पे रखे जायें ॥
तुमको हिसाब ना है… मेरे रोने का फिर तो…
रोने के सबब तमाम… पानियों पे रखे जायें ॥


पारस हो गए हैं हम
यूँ महसूस करके तुम्हें,
ना उम्र बढ़ती है ना इश्क घटता है।


बैठी हुई हूं प्यार से घूंघट निकाल कर
आँखों मैं वस्ल यार की शिद्दत लिए हुए
इक उम्र कट गई है तेरे इन्तेज़ार मैं
महर ओ वफा का आखिरी मंज़र लिए हुए..!!


तुम पूछती थी न ख़ुशी की वजह,
मैं ग़म की पोल खोल देता था ।
तुम ढूँढ़ती थी न कोई तो राज़ मिले ,
मैं सच को कभी कहीं ख़ुद में छुपने नहीं देता था ।
तुम कहती थी न सब तो आसान है ,
मैं मुश्किलों के आसमान को तुमसे दूर रखता था ।
तुम सोचती थी न दूर नहीं होगी मुझसे ,
मैं दिल और दिमाग को नज़दीक रखता था ।
तुम चाहती थी न मुझे वो सब मिले जो चाहता हूँ ,
मैं कहानियों में अक्सर तुम्हारा होता हूँ ।।


अरसा हुआ है… इंतज़ार करते-करते…
थक गए हैं हम… ये प्यार करते करते ॥
बेहिस से हो चलें हैं… अब के हाल यूँ…
मायूस हैं बेहद… इंतज़ार करते करते ॥


जिस्म की चाह रखने वाले,
खुश ही रहते हैं …!!
रूह की चाहत वालों को,
अक्सर तड़पते देखा है…!!


कुछ ख़्वाहिशें, कुछ हसरते अभी बाक़ी हैं,
टूटकर भी लगता है टूटना अभी बाकी है….


वो लड़कर भी सो जाए तो
उसका माथा चूमुँ मैं…
उससे मोहब्बत एक तरफ़ है
उससे झगड़ा एक तरफ़!!!

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